भारत ने समुद्र के नीचे 2400 वर्ग मीटर का तिरंगा फहराकर एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है। भारत ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने पानी के भीतर सबसे बड़ा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाई है। यह रिकॉर्ड राधानगर बीच पर बनाया गया, जहां नौसेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों के कर्मियों सहित 223 गोताखोरों की एक टीम ने अभियान को पूरा किया।
देश की इस उपलब्धि को सटीकता, साहस और राष्ट्रीय गौरव के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि इस रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धि के साथ देश उपलब्धियों की नई परिभाषा दे रहा है। पानी के नीचे फहराए गए झंडे की लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर है।
साहस और राष्ट्रीय गौरव का प्रदर्शन
भारत न केवल उपलब्धियां हासिल कर रहा है, बल्कि उन्हें नए सिरे से परिभाषित भी कर रहा है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने एक अभूतपूर्व और अनोखे कारनामे में पानी के भीतर सबसे बड़ा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। लहरों के नीचे सटीकता, साहस और राष्ट्रीय गौरव का यह एक सशक्त प्रदर्शन है। यह सिर्फ एक रिकॉर्ड से कहीं अधिक है। यह एक ऐसे राष्ट्र का प्रतिबिंब है जो लगातार अपनी सीमाओं को आगे बढ़ा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने भी की तारीफ
बीजेपी ने एक्स पर पोस्ट किया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत उन उपलब्धियों को हासिल करना जारी रखे हुए है जो कभी असंभव लगती थीं, और ऐसे मानदंड स्थापित कर रहा है जो दुनिया का ध्यान आकर्षित करते हैं।" केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अंडमान सागर की गहराई में सबसे विशाल तिरंगे ने अपनी भव्यता का प्रदर्शन करते हुए एक विश्व रिकॉर्ड बनाया।"
परवेश वर्मा ने सैनिकों की तारीफ की
दिल्ली के नेता परवेश साहिब सिंह ने इसे गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा, “अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में समुद्र की गहराई में सबसे बड़ा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराना और इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराना देश के हर नागरिक के लिए गर्व का क्षण है। यह साहस, अनुशासन और समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो हमारे सैनिकों और युवाओं की क्षमता को दर्शाता है।”
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